The Institute के General Hindi Notes (सामान्य हिंदी) का PDF Download करें

Hello Students, Welcome to UpSarkariNaukri.com. आज हम आपके लिए General Hindi Notes PDF लेकर आये हैं. जो कि सभी प्रितियोगी परीक्षाओं में बहुत उपयोगी है. आप इनको अपने फ़ोन या कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकते हैं. तो आगे बढ़ने से पहले बता दूँ. की इस वेबसाइट पर छात्रों के लिए प्रतिदिन नयी सरकारी नौकरी की जानकारी और उनसे जुड़े Study Material Provide करते हैं. अगर  आप ये जानकारी सीधे अपने मेल पर पाना चाहते हैं तो Subscribe ज़रूर करें. इन नोट्स का Credit The Institute को जाता है. क्युकी ये उन्ही के द्वारा तैयार किये गए हैं.

General-Hindi-Notes-PDF

General Hindi Notes PDF For Competitive Exams

जितने भी Students प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में जुटे हुए हैं. उनके लिए ये सामान्य हिंदी PDF बहुत उपयोगी हैं. इन Notes की मदद से छात्र लगभग सभी Important चीज़े याद कर सकते हैं. जो किसी Competitive Exams में आती हैं.

सामान्य हिंदी PDF Chapters List

  1. संज्ञा
  2. विलोम शब्द
  3. विश्लेषण
  4. क्रिया
  5. अलंकार
  6. पर्यावाची शब्द
  7. समानार्थक शब्द
  8. अनेकार्थक शब्द
  9. तत्सम शब्द
  10. तदभव शब्द
  11. वर्तनी
  12. समास
  13. सामासिक पदों की सूची
  14. कारक
  15. उपसर्ग/प्रत्यय
  16. शब्द और शब्द भेद
  17. वाक्य भेद
  18. वाक्य शुद्धि
  19. मुहावरे
  20. आदि

सामान्य हिंदी के इन PDF Notes में 20 तरह के पाठ दिए गए हैं. सभी महत्वापूर्ण हैं. जिनको हमने ऊपर लिख दिया है.

Hindi Grammar PDF में आप किस तरह के Hindi Notes पढ़ेंगे। उससे जुड़े एक भाग को हमने नीचे Example के तौर पर लिख दिया है। जिससे आपको ये समझने में आसानी होगी की ये Questions Answers आपके लिए महत्वपूर्ण हैं या नहीं। तो नीचे दिए गए भाग को पढ़े और PDF को Download करें।


Sanghya-संज्ञा की परिभाषा भेद, उदाहरण-Noun In Hindi – Sangya In Hindi

संज्ञा की परिभाषा : संज्ञा का शाब्दिक अर्थ होता है – नाम। किसी व्यक्ति , गुण, प्राणी, व् जाति, स्थान , वस्तु, क्रिया और भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा के उदाहरण : रमेश परीक्षा में प्रथम आया था। इसलिए वह दौड़ता हुआ स्कूल से घर पहुंचा, इस बात से वह बहुत खुश था। उसने यह बात अपने माता- पिता को बताई। यह समाचार सुन वह इतने आनंदित हुए कि उन्होंने उसे गले लगा लिया।

यहाँ पर खुश और आनंदित (भाव ), रमेश , माता-पिता (यक्ति ), स्कूल,घर (स्थान ), सुन, गले (क्रिया ) आदि संज्ञा आई हैं।

संज्ञा के भेद (Sangya Ke Bhed) –

1. जातिवाचक संज्ञा

2. भाववाचक संज्ञा

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा

4.समूहवाचक संज्ञा

5. द्रव्यवाचक संज्ञा

1. जातिवाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियों , वस्तुओं का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं अथार्त जिस शब्द से किसी जाति का सम्पूर्ण बोध होता हो यह उसकी पूरी श्रेणी और पूर्ण वर्ग का ज्ञान होता है उस संज्ञा शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदहारण :- मोटर साइकिल, कार, टीवी, पहाड़, तालाब, गॉंव,लड़का, लडकी,घोडा, शेर।

2. भाववाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण, दोष, दशा, स्वाभाव , भाव आदि का बोध हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस शब्द से किसी वस्तु , पदार्थ या प्राणी की दशा , दोष, भाव , आदि का पता चलता हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा होती है।

उदहारण:- गर्मी, सर्दी, मिठास, खटास, हरियाली, सुख।

भाववाचक संज्ञा बनाना :-

भाववाचक संज्ञा चार प्रकार से बनाई जा सकती हैं —

1. जातिवाचक संज्ञा से

2. सर्वनाम से

3. विशेषण से

4. क्रिया से

1. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

मित्र = मित्रता
पुरुष = पुरुषत्व
पशु = पशुता
पंडित = पांडित्य
दनुज = दनुजता
सेवक = सेवा
नारी = नारीत्व
भाई = भाईचारा

2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

पराया = परायापन
सर्व = सर्वस्व
निज = निजत्व

3. विशेषण से संज्ञा बनाना :-

मीठा = मिठास
मधुर = मधुरता
चौड़ा = चौडाई
गंभीर = गंभीरता
मूर्ख = मूर्खता
पागल = पागलपन
भला = भलाई
लाल = लाली

4. क्रिया से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

उड़ना = उड़न
लिखना = लेख
खोदना = खुदाई
बढ़ना=बाढ़
कमाना = कमाई
घेरना = घेरा
खपना = खपत
बचना =बचाव
नाचना = नाच
पड़ना = पड़ाव
लूटना = लूट

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3. व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस शब्द से किसी एक विशेष व्यक्ति , वस्तु, या स्थान आदि का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष स्थान, वस्तु,या व्यक्ति के नाम का पता चले वहाँ पर व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।उदहारण :- भारत, गोवा, दिल्ली, भारत, महात्मा गाँधी , कल्पना चावला , महेंद्र सिंह धोनी , रामायण ,गीता, रामचरितमानस आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है :- इसे समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है। जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय का बोध कराते है उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी विशिष्ट या एक ही वस्तुओं के समूह या एक ही वर्ग व् जाति के समूह को दर्शाता है वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होती है।

उदहारण :- गेंहू का ढेर, लकड़ी का गट्ठर , विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , सेना, खेल आदि।

5. द्रव्यवाचक संज्ञा क्या होती है :- जो संज्ञा शब्द किसी द्रव्य पदार्थ या धातु का बोध कराते है उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी पदार्थ, धातु और द्रव्य को दर्शाते हैं वहाँ पर द्रव्यवाचक संज्ञा होती है।

उदहारण :- गेंहू , तेल, पानी, सोना, चाँदी, दही , स्टील , घी, लकड़ी आदि।


विलोम शब्द (Antonyms in Hindi)

कुछ शब्दों के युग्म में ऐसे होते हैं जो परस्पर विरोधी होते हैं. ऐसे युग्म विलोम अथवा विपरीतार्थक कहे जाते हैं. जैसे सुख और दुःख परस्पर विरोधी है. हिंदी भाषा के कुछ विपरीतार्थक शब्द युग्मों इस प्रकार है.

विलोम शब्द के उदाहरण (Antonyms Example in Hindi)

शब्द विलोम शब्द
अथ इति
अर्थ अनर्थ
अधिक न्यून
अल्प अति
अपना पराया
अनुकूल प्रतिकूल
अमृत विष
अभी कभी
अन्य अनन्य
अडिग डावांडोल
अपार परिमित
अवनी अंबर
अज्ञ विज्ञ
आकाश पाताल
अवकाश व्यस्तता
अवलंब निरालंब
अभिमान निरभिमान
अवयव निरवय
अंतः बाह्य
अबेर सबेर
अत्र तत्र
अग्रज अनुज
अनुराग विराग
अगैती पिछौती
अधीन स्वाधीन
असीम ससीम
अपव्यय मितव्यय
अगला पिछला
अगर मगर
अस्त उदय
अस्थि मांस
अस्ति नास्ति
अग जग
अधम श्रेष्ठ
अगम गम्य
अवनति उन्नति
अनिवार्य वैकल्पिक
अद्भुत साधारण
अतीत वर्तमान/भविष्य
अदेह सदेह
असार संसार
अबल सबल
असली नकली
अंकुश निरंकुश
अबोध सुबोध
अभय भयभीत
अचेत सचेत
अग्र पश्च
अनाप शनाप
अर्जन विसर्जन
अँधेरा उजाला
अकाल सुकाल
अनुभवी नौसिखिया
अह निश
अच्छा बुरा
अरि/शत्रु मित्र
अन्धकार प्रकाश
आदेश निवेदन
अर्ध्द पूर्ण
अघ अनघ
अर्पण सर्पण
अनाथ सनाथ
आदि अंत
आज कल
आम खास
आग पानी
आद्य अंतिम
आज्ञा प्रार्थना
आधा पूरा
साकार निराकार
आस्था अनास्था
आकर्षण विकर्षण
आरोह अवरोह
आवश्यक अनावश्यक
आसक्ति विरक्ति
आस्था अनास्था
आस्तिक नास्तिक
आहार निराहार
आज्ञा अवज्ञा
आगत अनागत
आय व्यय
आर्य अनार्य
आदर अनादर/ निरादर
अभ्यंतर बाह्य
आरोप प्रत्यारोप
आरंभ समाप्ति
आमिष निरामिष
आहूत अनाहूत
आभास अनाभास/निराभास
आविर्भाव तिरोभाव
आद्र शुष्क
आदान प्रदान
आसान मुश्किल
आलसी परिश्रमी
इच्छा अनिच्छा
इष्ट अनिष्ट
इहलोक परलोक
उग्र शांत
उचित अनुचित
उतार चढाव
उत्कर्ष अपकर्ष
उत्कृष्ट निकृष्ट
उत्तर दक्षिण
उत्तीर्ण अनुत्तीर्ण
उत्थान पतन
उदय अस्त
उद्दंड विनम्र
उपकार अपकार
उपस्थित अनुपस्थित
उपयोगी अनुउपयोगी
ऐच्छिक अनैच्छिक/ अनिवार्य
उऋण ऋणी
उर्वरा उसर
उष्ण शीत
ऊँच नीच
उपमेय अनुपमय/अनुपम
उत्तम अद्यम
उदास प्रसन्न
उल्लास अवसाद
उद्योग अनुद्योग
एक अनेक
उल्लेख अनुल्लेख
उपलब्ध अनुपलब्ध
एकार्थ अनेकार्थ
एकदेशीय सर्वदेशीय
एकीकृत विभाजित
ओछा उदार
औचित्य अनौचित्य
औपचारिक अनौपचारिक
कटु मधुर
कठोर मृदु
कायर वीर
कुटिल सरल
कीर्ति अपकीर्ति
कोमल कठोर
कच्चा पक्का
आकर्षण विकर्षण
कर्म अकर्म
कपूत/कुपूत सपूत
कनिष्ठ वरिष्ठ
क्रिया प्रतिक्रिया
क्रय विक्रय
कलुष निष्कलुष
कल्पनीय अकल्पनीय
कथ्य अकथ्य
काज अकाज
काला सफ़ेद
करणीय अकरणीय
कृत्रिम अकृत्रिम
कृपा अकृपा
कृतज्ञ अकृतज्ञ
कुबुद्धि सुबुद्धि
कुयश सुयश
कर्ता अकर्ता
कूट सरल
क्रूर कोमल/सवेदनशील
क्रेता विक्रेता
क्रोध अक्रोध
खेचर जलचर/भूचर
खर्च जमा
खंडन मंडन
खंड अखंड
खरा खोटा
गत आगत
गंध निर्गंध
गरल अमृत
गेय अगेय
गति अगति
गृहस्थ सन्यासी
गमन आगम
गुण दोष, अवगुण
ग्राह्य अग्राह्य
गाढ़ा पतला
गीत अगीत
गुप्त प्रकट
गुरुत्व लघुत्व/शिष्यत्व
गूढार्थ सरलार्थ
गोरा काला
ग्राहक दूकानदार
घटिया बढ़िया
घृणा प्रेम
घातक रक्षक
घोष अघोष
चल अचल
चार अचर
चतुर मुर्ख
चिकना रुखा
जपा अजपा
जीवन मृत्यु
जन्म मरण
जन्मा अजन्मा
चेतन अचेतन
जल थल
जंगली पालतू
जीत हार
जय पराजय
जागृति सुषुप्ति
ठोस तरल
तीक्ष्ण कुंद /तीखा
तम प्रकाश
तिलांजलि ग्रहण
तटस्थ पक्षधर
दानव देव
दहन शमन
दाहक शामक
दक्षिण वाम/उत्तर
दायाँ बायाँ
दूरस्थ निकटस्थ/समीपस्थ
दाएँ बाएँ
दम्भी निर्दम्भ
ठंडा गरम
दिन रात
दिनांत निशांत
दिवाकर निशाकर
दिशा विदिशा
दीर्घ हस्व
दीप्त अदीप्त
दीर्घायु अल्पायु
दुखिया सुखिया
दुखारी सुखारी
दुष्कर सुकर
दुष्कृत सुकृत
देनदार लेनदार
द्वैत अद्वैत
दूधिया मटमैला
धनी निर्धन
धन्य धिक्कार
धीर अधीर
धर्म अधर्म/विधर्म
धूमिल/धूसर उज्जवल
धूम निर्धूम
ध्वस्/असुरक्षित सुरक्षित
नीरस सरस
नरक स्वर्ग
निर्मल मलीन
नकद उधार
नवीन प्राचीन
नकार स्वीकार
निर्दय सदय
निरर्थक सार्थक
न्याय अन्याय
नीति अनीति
नय अनय
नवयौवन गतयौवन
नवल/नूतन पुरातन
नाम बदनाम
निपूती सपूती
निर्गम आगम
निर्जल सजल
निर्माण नाश
निष्फल सफल
निरंतरित अंतराल
निर्लज्ज सलज्ज
निष्क्रिय सक्रिय
निष्पक्ष पक्षपात
नैतिक अनैतिक
पक्ष विपक्ष
पाप पुण्य
प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष/परोक्ष
पठनीय अपठनीय
पत्य अपत्य
पत्रित अपत्रित
पथ्य अपथ्य/कुपथ्य
पदस्थ अपदस्थ
पदेन अपदेन
परिचित अपरिचित
परा अपरा
पदावनत पदोन्नत
पराधीन स्वाधीन
प्रकट प्रच्छन/अप्रकट
परित्रास परित्राण
परिपक्व अपरिपक्व
पोषण कुपोषण
परिमित अपरिमित
परिमेय अपरिमेय
परिवर्तनीय अपरिवर्तनीय
परिहार्य अपरिहार्य
पूर्व अपूर्व
परिपुष्ट अपरिपुष्ट
पाच्य अपाच्य
पेय अपेय
प्रसार अप्रसार
प्राचीन अर्वाचीन
प्राच्य प्रतीच्य/पाश्चात्य
पौरुषेय अपौरुषे
प्रकाशित अप्रकाशित
प्रमाणित अप्रमाणित
प्राकृतिक अप्राकृतिक
प्रिय अप्रिय
बल अबल
बलधर बलहर
बलवान निर्बल
बहुधा एकदा
बेगाना अपना
भंग अभंग
भक्ष्य अभक्ष्य
भद्र अभद्र
भाग्य अभाग्य
भूत भविष्य
भुक्त अभुक्त
भाव अभाव
भिन्न अभिन्न
भोगी योगी
भूषण दूषण
भौतिक अभौतिक
भूगोल खगोल
भोग्य अभोग्य
महँगा सस्ता
मंगल अमंगल
मंदा तेजी
महान क्षुद्र
मान अपमान
मानव दानव
मनुज दनुज
मित्र शत्रु / अमित्र
मित अमित
मानवीय अमानवीय
मिलन विरह
मार्ग कुमार्ग
मूल्यवान अमूल्य
मीठा सीठा
मौखिक लिखित
महात्मा दुरात्मा
महानमा क्षुद्रंमना
मुक्त ग्रस्त
मूक वाचाल
यश अपयश
योग वियोग
युक्त अयुक्त
यद्यपि तथापि
यदा कदा
यति गति
याचक दाता
यादृश तादृश
युद्ध शांति
योग्य अयोग्य
योजक अयोजक
रंक राजा
रंग बेरंग /बदरंग
रक्षक भक्षक
रक्षित अरक्षित
रजनी/रात दिन
रव नीरव
रत विरत
रसिक अरसिक
रीती कुरीति
रूचि अरुचि
रूप अरूप
रुखा चिकना
रुग्ण स्वस्थ
रहित सहित
रुदन/रोदन हास
लोक परलोक
लक्ष्य अलक्ष्य
लाभ हानि
लिखित अलिखित
लक्षण कुलक्षण
लम्बा चौड़ा/बोना
लौकिक अलौकिक
लौह अलौह
लीक अलीक
लिप्त अलिप्त
वजह बेवजह
वर्ण अवर्ण
वर्णनीय अवर्णनीय
विधवा सधवा
वरदान अभिशाप
विद्या अविद्या
विरोध अविरोध / समर्थन
विधि अविधि/निषेध
विजय पराजय
वादी प्रतिवादी
विवाहित अविवाहित
विचलित अविचलित
विचार अविचार
व्यक्त अव्यक्त
वैधानिक अवैधानिक
वास्तविक अवास्तविक
वैध अवैध
विकार अविकार
विकल्प अविकल्प
विवेक अविवेक
विरल अविरल
विराम अविराम
विश्वास अविश्वास
व्यष्टि समष्टि
वैयक्तिक सार्वजनिक/ निर्वव्यक्तिक
व्यक्त अव्यक्त
व्यवस्थित अव्यस्थित
वृद्धि क्षय
विष अमृत
शांत अशांत
शकुन अपशकुन
शिक्षा अशिक्षा
शीत उष्ण
शोक विशोक/अशोक
शुल्क निशुल्क
शाकाहारी मांसाहारी
शरीरी अशरीरी
शेष अशेष
शिष्य गुरु
शिष्ट अशिष्ट
शक बेशक
शोभनीय अशोभनीय
शोषित अशोषित
श्वेत अश्वेत/श्याम
शरद ग्रीष्म
संख्य असंख्य
संक्षेप विस्तार
संकल्प विकल्प
संधि विग्रह
सरल कठिन
सबल निर्बल
समीप दूर
सभ्य असभ्य
सफल असफल
सक्षम असक्षम
साधारण असाधारण
सामान्य असामान्य
साकार निराकार
सार्थक निरर्थक
सुगंध दुर्गन्ध
सचर अचर
सदाचार दुराचार
सगुण निर्गुण
सत्य असत्य
सुबोध दुर्बोध
साध्य असाध्य
स्वतंत्र परतंत्र
सूक्ष्म स्थूल
सुर असुर
सक्रिय निष्क्रिय
सेवक स्वामी
सुगम दुर्गम
स्वदेश विदेश / परदेश
स्वस्थ अस्वस्थ
सृष्टि नाश/संहार
स्वाभाविक अस्वाभाविक
संयम असंयम
संवेद्य असंवेद्य
संयोग असंयोग
संदेह निसंदेह
संभव असंभव
संगत असंगत
सुलक्षणा कुलक्षणा
संस्कार कुसंस्कार
स्तुति निंदा
सलज्ज निर्लज्ज
सचेत अचेत
सृजन संहार
सृष्टि प्रलय
स्वेच्छा विवशता
स्वजन परिजन
स्वगत प्रकट
स्वच्छ अस्वच्छ
सादर निरादर
सह्य असह्य
सीत्कार चीत्कार
सीमित असीमित
स्मरण विस्मरण
सुधाम कुधाम
स्थापित विस्थापित
स्थूलकाय कृशकाय
हर्ता कर्ता
हार जीत
हर्ष विषाद
हाव भाव
हिंसा अहिंसा
हित अहित
हेतु अहेतु
हेय स्तुत्य
ज्ञात अज्ञात
ज्ञेय अज्ञेय
ज्ञानी अज्ञानी
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Hindi Objective Question Answer

प्रश्न=1-निम्नलिखित में एक शब्द संधि की दृष्टि से अशुद्ध है,उस शब्द का चयन कीजिए –
अ) तथैव
ब) तथापि
स) तदाकार
द) तदोपरान्त ✔

प्रश्न=2-वागीश शब्द में संधि है –
अ) यण्
ब) स्वर
स) व्यंजन ✔
द) विसर्ग

प्रश्न=3-इनमें से कौनसा शब्द स्वर संधि का है?
अ) अधोगति
ब) उच्चारण
स) दिग्गज
द) मन्वन्तर ✔

प्रश्न=4-‘ व्यर्थ ‘ शब्द में किन वर्णों की संधि हुई है?
अ) इ+अ ✔
ब) इ+उ
स) इ+ए
द) इ+आ

प्रश्न=5- गंगा +ऊर्मि में कौन सी संधि है?
अ) वृद्धि संधि
ब) गुण संधि ✔
स) यण् संधि
द) अयादि संधि

प्रश्न=6-उपरि+उक्त का कौनसा संधि रूप शुद्ध है?
अ) उपरोक्त
ब) ऊपर्युक्त
स) उपरोक्त
द) उपर्युक्त ✔

प्रश्न=7-इनमें से कौनसी संधि सही है?
अ) विध्या+आलय=विद्यालय
ब) उत्+धार= उद्धार
स) राम+अयन्= रामायण ✔
द) दिग्+अम्बर =दिगम्बर

प्रश्न=-8-सच्छाया का संधि-विच्छेद है –
अ) सत्+छाया ✔
ब) सच्+छाया
स) सत+छाया
द) सद्+छाया

प्रश्न=9- महेन्द्र का संधि विच्छेद है –
अ) मही+इन्द्र
ब) महे+इन्द्र
स) महो+इन्द्र
द)महा+इन्द्र ✔

प्रश्न=10-पदोन्नति शब्द का संधि विच्छेद है –
अ) पदो+न्नति
ब) पद+उन्नति ✔
स) पद्+ उन्नति
द) पदोन्न+ति

11-पुनर्जन्म मेँ कौनसी संधि हैँ?
(a)विसर्ग संधि✔
(b)स्वर संधि
(c)व्यंजन संधि
(d)अयादि संधि

12-‘उल्लेख ‘ का संधि विछेद होगा ?
(a)उद्+लेख
(b)उत् +लेख ✔
(c)उल् +लेख
(d)उच्+लेख

13-नीलांबर मेँ कौनसी संधि हैँ ?
(a)व्यंजन
(b)विसर्ग
(c)स्वर ✔
(d)यण

14-निष्फल मेँ संधि हैँ ?
(a)स्वर
(b)विसर्ग ✔
(c)अयादि
()व्यंजन

15-‘मतैक्य’ का संधि विछेद होगा ?
(a)मत+ एक्य
(b)मत:+एक्य
(c)मत+ ऐक्य✔
(d)मत+ इक्य

16-‘जगन्नाथ’ मेँ कौनसी संधि हैँ ?
(a)यण
(b)व्यंजन ✔
(c)स्वर
(d)विसर्ग

17-पद्धति का संधि विच्छेद हैँ। (a)पद्+ धति
(b)पद्+ हति
(c)पत्+ धति
(d)पत्+ हति ✔

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18-महोत्सव मेँ कौनसी संधि hai ?
(a)गुण ✔
(b)वृदधि
(c)दीर्घ
(d)यण

19-‘निर्जन’ मेँ कौनसी संधि हैँ?
(a)विसर्ग ✔
(b)व्यंजन
(c)स्वर
(d)अयादि

20-तथा +एव की संधि से बनेगा-
(a)तथैव ✔
(b)तथेव
(c)तदैव
(d)ततेव

21. निम्न में से किस शब्द में संधि हुई हैं-
A. अनुपस्थित
B. अनादि
C. गुड़ाकेश ✅
D. सम्मान

22. निम्न में से कौनसे शब्द में शुद्ध संधि हैं-
A. लघुत्तर
B. लघूत्तर✅
C. लघुतर
D. लघूतर

23. दशर्ण शब्द मे संधि हैं-
A. गुण संधि ✅
B. यण् संधि
C. दीर्घ संधि
D. अयादि संधि

24. निम्न में से शुद्ध संधि-विच्छेद हैं-
A. मत+एक्य
B. मत+एक+य
C. मत+ऐक्य
D. B&C दोनों ✅

25. किस शब्द में अयादि संधि हैं-
A. प्रस्ताव ✅
B. मात्रिच्छा
C. गुर्वादेश
D. नार्यर्पण

26. निम्न में से अशुद्ध शब्द हैं-
A. अतैव ✅
B. तथैव
C. सदैव
D. एकैक

27. संधि युक्त सही शब्द कोनसा हैं
1 गति+अवरोध गत्यावरोध
2 अभि+ईप्सा। अभिप्सा
3 गुरु+उपदेश गुरो पदेश
4 लघु+उत्तर। लघूत्तर✔

28. उपर्युक्त शब्द का सही संधि विछेद होगा
1 उपरी+उक्त
2 उपरि+उक्त✔
3 उपरि+युक्त
4 ऊपर+युक्त

29. इनमे से कोनसा शब्द सही संधि विछेद नहीं हैं
1 सुर+ईश सुरेश
2 राम+ईश। रमेश✔
3 महा+ईश महेश
4 नाग+ईश नागेश

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